Yes Bank और Bookmy FRX के मल्टी करेंसी कार्ड्स में एक बहुत बड़ा डाटा ब्रीच हुआ है जिसमें ग्राहकों के कार्ड नंबर और यहां तक कि सीवीबी भी हैक हो गए हैं। मामला इतना गंभीर है कि अब सीधे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने दखल दिया है और बैंक के सीनियर अधिकारियों को तलब किया है। लैटिन अमेरिका से लेकर 15 अलग-अलग मर्चेंट्स के जरिए करोड़ों रुपए के फ्रॉड ट्रांजैक्शन को अंजाम दिया गया है।
ऐसे में अगर आप Yes बैंक की ग्राहक हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। अभी कुछ दिन पहले की ही बात है जब IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़ा स्कैम का मामला सामने आया था और अब Yes बैंक में कुछ गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। Yes बैंक बुक माय फॉररेक्स मल्टी करेंसी फॉररेक्स कार्ड से जुड़े एक बड़े डाटा ब्रिज के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई ने yes बैंक के सीनियर ऑफिशियल्स को तलब किया है। कई यूज़र्स के कार्ड डिटेल्स और सीवीवी नंबर भी हैक होने लग गए हैं। अब इस मामले पर आरबीआई ने बैंक से डिटेल में जानकारी मांगी है कि Yes बैंक के सिस्टम में कैसे सेंध लगी और किन घटनाओं की वजह से कस्टमर का सेंसिटिव डाटा लीक हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अकॉर्डिंग आरबीआई यह साफ करना चाहता है कि सीवीवी नंबर सहित कितना सेंसिटिव का डाटा लीक हुआ होगा और इसे रोकने के लिए तुरंत क्या कुछ उपाय किए गए हैं। Yes बैंक ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सवालों पर फिलहाल कोई भी जवाब नहीं दिया है। लेकिन ये जरूर कहा है कि इंटरनल जांच में 24 फरवरी को एक लैटिन अमेरिका देश में 15 मर्चेंट से जुड़े फ्रॉड ट्रांजैक्शन पाए गए। 5000 कस्टमर्स के बीच लगभग 2.54 करोड़ के ट्रांजैक्शंस को मंजूरी दी गई। जबकि लगभग 90 लाख के 688 अनऑथोराइज्ड अटेमप्ट्स को ब्लॉक किया गया। अब Yes Bank कार्ड नेटवर्क के साथ मिलकर चार्ज बैक शुरू करने और यह इंश्योर करने के लिए काम कर रहा है कि जो कस्टमर्स इससे प्रभावित है उनको कोई फाइनेंसियल नुकसान ना हो। इसके अलावा बुक माय फॉररेक्स ने यह भी कहा कि वह कस्टमर्स की सेंसिटिव कार्ड जानकारी स्टोर नहीं करता है और उस समय के दौरान उसके सिस्टम में ना तो कोई सीध लगी और ना ही कोई कॉम्प्रोमाइज किया गया। इस बीच आरबीआई ने यह भी डिटेल मांगा है कि सेंसिटिव कार्ड डाटा को कैसे स्टोर किया गया और कैसे प्रोटेक्ट किया गया था। क्या इंक्रिप्शन और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल फॉलो किए गए थे और मौजूदा साइबर कंट्रोल्स एक्सपोज़र को रोकने में फेल क्यों हुए? इसके अलावा रेगुलेटर डिटेक्शन और रिपोर्टिंग की टाइमलाइन, थर्ड पार्टी रिस्क मैनेजमेंट और ओवरसाइट की मजबूती, प्रभावित कस्टमर्स की संख्या, और तो कार्ड्स को ब्लॉक करने, गलत इस्तेमाल को रोकने और संभावित नुकसान को कम करने के लिए उठाए गए कदमों की जांच कर रहा है।
अब बात करें Yes बैंक के शेयर की तो आज 10:00 बजे के अराउंड शेयर में लगभग 2% की तेजी है और शेयर ₹21 पर कारोबार कर रहा है।
