Sidhu Moosewala के माता पिता धरने पर बैठे?


पंजाबी गायक शुभदीप सिंह उर्फ़ Sidhu Moosewala का परिवार एक बार फिर खबरों में है  रिपोर्ट्स के मुताबिक सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता बुधवार को मानसा में एसएसपी कार्यालय परिसर के अंदर धरने पर बैठ गए। उनकी मांग है कि Sidhu Moosewala की दो कंपनियों से जुड़े कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले में एफआईआर दर्ज की जाए। बुधवार को यह विरोध प्रदर्शन उस समय हुआ जब भटिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ऑपरेशन प्रहार 2.0 के सिलसिले में कार्यालय पहुंचे थे। Sidhu Moosewala के पिता बलकौर सिंह और उनकी पत्नी चरण कौर लगभग 45 मिनटों तक फर्श पर बैठे रहे। बाद में उन्हें डीआईजी और एसएसपी से मिलने के लिए अंदर बुलाया गया। 

स्थानीय मीडिया से अपनी परेशानी बताते हुए बलकौर सिंह ने कहा कि हमने डीआईजी एएस राय को अपनी मैनेजर और दो अन्य लोगों के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी की औपचारिक शिकायत दे दी थी। शिकायत एएसपी को भेजी गई और एक एसपी ने जांच भी की। फाइल अब तक एएसपी के पास पड़ी है। हमारा केस दर्ज नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग यदि अपने अधिकारियों पर कारवाई नहीं करना चाहता तो कम से कम आरोपियों के खिलाफ ही एक्शन ले और यह बहुत अजीब बात है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमने सभी दस्तावेज माफ़ करिएगा। पुलिस को दे दिए हैं। अगर हमारी शिकायत झूठी है तो हमारे खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मानसा पुलिस पैसों के लिए आरोपियों के इशारे पर काम कर रही है। हमारे पास पुलिस को देने के लिए पैसे नहीं है। हमारा कमाने वाला सदस्य पहले ही मारा जा चुका है। हम बुजुर्ग हैं और दवाइयां लेकर पुलिस दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। मूसावाला की जब हत्या हुई थी तो यह खबर बहुत चर्चा में हुई थी। सोचिए इसके बाद इतनी इतनी खबरें होने के बाद इतनी चर्चा होने के बाद आज अगर उसके बुजुर्ग माता-पिता को पुलिस के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं तो ये पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल उठा रहा है। हम डीआईजी से मिलने आए और वो कह रहे हैं और उनके माता-पिता कह रहे हैं कि हम डीआईजी से मिलने आए ताकि उन्हें अपना दुख बता सकें। जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी हम यहां से नहीं जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक शिकायत मूसावाला की मृत्यु के बाद विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्म से हुई कुल कमाई से संबंधित है जो लगभग 1.15 करोड़ अमेरिकी डॉलर बताई जा रही है। बताया गया कि मई 2022 से लेकर अब तक लगभग 70 लाख किश्तों में माता-पिता को दिए जा चुके हैं। लेकिन करीब 37 लाख अभी भी बाकी हैं। जिसकी मांग वो कर रहे हैं। धरने के दौरान ही सिद्धू मूसेवाला की मां चरण कौर ने कहा कि अगर हमें कुछ हो जाता है तो इसके लिए मानसा पुलिस जिम्मेदार होगी। डीआईजी और एसएसपी से मुलाकात के बाद भी वे बाहर आकर फिर से फर्श पर बैठ गए। हालांकि उन्होंने बैठक के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की। अंदर कमरे में क्या बातचीत हुई इस पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। 

सिद्धू मूसेवाला का जन्म 11 जून 1993 को पंजाब के मानसा जिले के मूसा गांव में हुआ था। उनका असली नाम शुभदीप सिंह सिद्धू था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उनका रुझान संगीत की ओर बढ़ा। उन्होंने पंजाबी गानों के लिए गीत लिखने शुरू किए। उनका पहला गाना जी वेगन रिलीज हुआ जिससे उन्हें पहचान मिली। इसके बाद सो हाई किसेर और टू चैंपियन तथा 295 जैसे गानों से उन्हें खूब शोहरत मिली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी लोकप्रियता बढ़ गई। उनके गीतों में पंजाबी पहचान, युवाओं की सोच और सामाजिक मुद्दों की झलक मिलती थी। वह अपनी विवाद शैली और विवादित बोल के लिए भी जाने जाते थे। अक्सर चर्चा में रहते थे। 2022 में उन्होंने पंजाब विधानसभा चुनाव भी लड़ा। हालांकि वे जीत नहीं पाए। 29 मई 2022 को मानसा में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के बाद भी उनके गाने काफी लोकप्रिय हुए थे। आज भी पंजाबी गीत के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में Sidhu Moosewala का नाम गिना जाता है।

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