AI के डर के चलते टेक और आईटी शेयरों में भारी गिरावट


13 फरवरी शुक्रवार को बाजार खुलते ही भारी गिरावट का शिकार हुए। एआई के डर से ग्लोबल मार्केट के गिरने का दौर खत्म ही नहीं हो रहा है। कल के ट्रेडिंग सेशन में भी ग्लोबल मार्केट में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। 

 इस गिरावट से भारतीय कंपनियां भी अछूती नहीं है। भारतीय आईटी कंपनियों के अमेरिका में लिस्टेड शेयरों यानी कि एडीआर में दबाव देखा गया है। आज भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गैप डाउन ओपनिंग देखने को मिली। ससेक्स 772 पॉइंट्स की गिरावट के साथ 82,902 के स्तर पर ओपन हुआ। निफ्टी की 236 पॉइंट्स की गिरावट के साथ 25,571 के स्तर पर शुरुआत हुई। ओपनिंग के साथ ही बाजार दबाव में आ गया। आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर की कमजोरी रही। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नए मॉडल होने के बाद आईटी कंपनियों के रेगुलर बिजनेस पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। इसी डर के चलते निवेशक ग्लोबल और भारतीय बाजारों में आईटी शेयरों से अब पैसा निकालना शुरू कर चुके हैं। 

कारोबार की शुरुआत में TCS, Tech, Mahindra, Infosys ये तीनों ही शेयर करीब 6% तक टूट गए। WPRO करीब 4% की गिरावट पर था। निफ्टी आईटी इंडेक्स 5.50% की गिरावट के साथ ओपन हुआ। आईटी सेक्टर ने पूरे बाजार को लाल रंग में रंग दिया। जब आईटी सेक्टर टूट रहा है तब निवेशक डिफेंसिव सेक्टर्स की ओर बढ़ते दिखे। गिरावट वाले बाजार में निवेशकों का ध्यान इंश्योरेंस और बैंकिंग सेक्टर पर जा रहा है। SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के शेयर प्राइस बढ़त में नजर आए। इसके साथ ही इंश्योरेंस सेक्टर की एक और बड़ी दिग्गज कंपनी HDFC इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में भी खरीदारी नजर आई। बैंकिंग सेक्टर से SBI और Axis Bank के शेयर में बढ़त है। मैक्स Health Care इंस्टिट्यूट और Airtel LED के स्टॉक भी NFT 50 के गेनर्स की लिस्ट में आज शुमार रहे। ग्लोबल मार्केट में आई आंधी से लगातार दूसरे दिन आईटी कंपनियों के एडीआर में गिरावट आई है। Infosys का एडीआर 10% टूटकर 5 1/2 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। WPRO का एडीआर 5% रुककर 27 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। भारतीय बाजार से पहले अमेरिकी बाजार भी दबाव में रहे। गुरुवार को वॉल स्ट्रीट पर भारी गिरावट देखने को मिली। Dub joss में 1.34% गिरावट। SNP 500 में 1.57% की गिरावट। NASDC में 2.04% की बड़ी गिरावट रही। 

यह गिरावट भी एआई के बढ़ते दायरे से डरकर आईटी और टेक शेयरों में बिकवाली की वजह से आई। एआई के तूफान से मार्केट जहां खौफजदा है लेकिन ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने इसे लेकर अलग ही राय दी है। जेपी मॉर्गन के अकॉर्डिंग एआई का डर आईटी सेक्टर में एक तीखे करेक्शन की वजह बना है। लेकिन हकीकत इतनी डरावनी नहीं है। जेपी मॉ्गन के अकॉर्डिंग आईटी कंपनियां टेक्नोलॉजी मार्केट में प्लंबर की तरह है। जिनकी जरूरत हमेशा रहेगी। जेपी मॉ्गन ने Infosys, TCS, पर्सिस्टेंट और सेजिलिटी पर ओवरवेट यानी कि खरीदार की अपनी राय को बरकरार रखा है। तो कुल मिलाकर एआई के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी डर का असर ग्लोबल मार्केट से लेकर भारतीय शेयर बाजार तक साफ तौर पर देखने को मिला।

You May Also Like

Loading...
Post a Comment (0)
Previous Post Next Post