22 अप्रैल को भारतीय आईटी सेक्टर से एक ऐसी खबर आई है जिसने निवेशकों के होश ही उड़ा दिए हैं। देखते ही देखते कंपनी के मार्केट कैप से लगभग ₹00 करोड़ साफ हो गए। यह पिछले छ सालों की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट है। अब सवाल है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि अचानक निवेशकों ने HCL टेch में भारी बिकवाली शुरू कर दी। क्या यह गिरावट का सिलसिला अभी और लंबा चलेगा?
आज शेयर बाजार खुलते ही HCL Tech के शेयरों पर बिकवाली हावी हो गई। कंपनी का शेयर ₹1441 के पिछले बंद स्तर से टूटकर ₹1323 के बेहद करीब पहुंच गया। यह 8.5% की काफी बड़ी गिरावट है। इंट्राडे में स्टॉक का हाई ₹1358 और लो ₹1324 रहा। हैरान की बात यह है कि यह इस भारी बिकवाली की वजह सिर्फ एक ही दिन में आज इन्वेस्टर्स के करीब ₹00 करोड़ चुटकियों में स्वाहा हो गए। अब समझेंगे उन कारणों के बारे में जिससे HCL टेक का शेयर आज क्रैश हो गया। दरअसल इस गिरावट के पीछे दो मुख्य कारण बताए गए हैं। पहला कमजोर तिमाही नतीजे। चौथी तिमाही यानी Q4 में कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद के अकॉर्डिंग नहीं रहा और दूसरा वीक गाइडेंस। सबसे ज्यादा चिंता की बात है फाइनेंसियल ईयर 2027 के लिए कंपनी का आउटलुक। मैनेजमेंट ने फ्यूचर के रेवेन्यू ग्रोथ को लेकर जो एस्टीमेट्स दिया है वो काफी नरम है और इसी वजह से बड़े ब्रोकरेज हाउसेस ने भी स्टॉक का टारगेट प्राइस घटा दिया है जिससे निवेशकों का भरोसा पूरी तरह से HCL टेक पर डगमगा गया है। इनमें मॉर्गन स्टैनले जेफरीज सिटी इन्वेस्टिक और Kotak सिक्योरिटीज जैसे दिग्गज ब्रोकरेज नाम शामिल है। जब भी बड़े ब्रोकरेज एक साथ टारगेट घटाते हैं तो छोटे निवेशकों का भरोसा भी डगमगा जाता है और यही असर आज शेयर पर साफ तौर पर देखने को मिला।
21 अप्रैल 2026 यानी कल मंगलवार के दिन शेयर बाजार बंद होने पर HCLT का शेयर ₹1441 पर क्लोज हुआ था। उस समय कंपनी की टोटल मार्केट कैप करीब ₹391392 करोड़ थी। लेकिन आज 22 अप्रैल को नतीजों के बाद शेयर करीब 8 से 10% क्रैश हो गया। कारोबार के दौरान शेयर ₹1301 से ₹1323 के दायरे तक धड़ाम हो गया। यानी सिर्फ एक ही कारोबारी दिन में कंपनी की मार्केट वैल्यू से करीब ₹00 करोड़ साफ हो गए। कल बाजार बंद होने के बाद कंपनी ने चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए थे। जिसमें मुनाफा तिमाही बेसिस पर करीब 10% तो बढ़ा लेकिन आमदनी लगभग सपाट रही। इसका मतलब यह है कि कंपनी की बिक्री में वैसी तेजी बिल्कुल नहीं नजर आई जिसकी बाजार को उम्मीदें थी। कंपनी ने कहा है कि कस्टमर्स की तरफ से डिस्क्रीशनरी स्पेंडिंग यानी कि गैर जरूरी टेक खर्च कमजोर रहा। साथ ही जिओपॉलिटिकल अनसर्टेनिटी यानी कि जिओपॉलिटिकल अनिश्चितता इसका भी असर कारोबार पर साफ तौर पर आज देखने को मिला।
रिपोर्ट के अकॉर्डिंग HCL टेक का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी कि आरएसआई सात तक पहुंच गया है। आमतौर पर 30 से नीचे आरएसआई आने पर शेयर ओवरसोल्ड माना जाता है। ऐसे में सात का स्तर यह बताता है कि बिकवाली काफी ज्यादा हो चुकी है। इसका मतलब यह हो सकता है कि शेयर में आगे भी तकनीकी रिकवरी देखने को मिले। लेकिन फिलहाल सेंटीमेंट है वो काफी कमजोर बना हुआ है। अब सबसे जरूरी सवाल है कि अगर आप HCL टेक के शेयर होल्डर हैं तो ऐसे सिचुएशन में आपको क्या करना चाहिए? देखिए अगर आप पहले से निवेशक हैं तो घबराकर फैसला लेने के बजाय कंपनी की अगली तिमाही ग्रोथ, डील बुकिंग और मैनेजमेंट कमेंट्री पर पूरी तरह से नजर रखें और अगर नया निवेश सोच रहे हैं तो जल्दबाजी से बचें और स्टेबिलिटी आने का इंतजार करें। HCLT की इस गिरावट का असर सिर्फ एक कंपनी तक ही सीमित नहीं रहा। इसने पूरे आईटी सेक्टर पर दबाव बना दिया है। निवेशकों को डर है कि अगर HCL टेक जैसी इतनी बड़ी कंपनियां अगर ऐसा प्रदर्शन करेंगी तो आने वाले समय में दूसरी आईटी कंपनियों के नतीजे भी यूं ही कमजोर रह सकते हैं और इसी वजह से आज आईटी इंडेक्स में भी सुस्ती का माहौल देखा गया है। तो कुल मिलाकर HCL टेक के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण है। कमजोर गाइडेंस ने फिलहाल ग्रोथ पर एक सवाल खड़ा कर दिया है।
